एनालॉग कंप्यूटर क्या है? | Analog Computer In Hindi

Hello Friends, तो स्वागत है आपका हमारी आज की इस नयी पोस्ट मे ,जिसमें हम आपको एनालॉग कंप्यूटर क्या है? | Analog Computer In Hindi इसके बारे मे बताने वाले है। और साथ ही हम आपको Analog Computer का उपयोग क्यों किया जाता है? इस बारे मे भी पूरी जानकारी देने वाले है।

एनालॉग कंप्यूटर किसे कहते है? Analog Computer कितने प्रकार के होते हैं? और इसके बारे मे पूरी तरह जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़िए, इसकी मदद से आप काफ़ि कुछ आसानी से जान सकते हैं।

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Analog Computer In Hindi | एनालॉग कंप्यूटर किसे कहते है?

Analog Computer In Hindi | एनालॉग कंप्यूटर किसे कहते हैं?

जैसा कि आप जानते ही होंगे कि आज कल के दौर में Technology मे कितना विकास हुआ है, या हो भी रहा है, हम हमेशा अपने आस पास कोई ना कोई Technoloy से जुड़ी चीज़े देखते ही रेहते है, और उनका इस्तेमाल भी अपने जीवन में रोज़ करते ही रहते है।

फ़िर चाहे वो कपड़े पर प्रेस करनी हो या Ac का इस्तेमाल करना हो या और भी कई कार्य Technology के चाहे वो हमारे निजी ज़िंदगी के हो या फ़िर हमारे बाहरी काम हो हमे कही न कही Technology की ज़रूरत तो होती ही है।

हमने अपनी ज़िंदगी मे Technology से जुड़ी चीज़ो को इतना Involve कर लिया है, कि हमे अब हर काम के लिए Technology का इस्तेमाल करना पड़ता है।

आज हम आपको एसे ही एक Technology से जुड़ी Analog Computer के बारे मे बताने वाले हैं, जिसके बारे मे कुछ ही लोग जानते होंगे और अगर आप इसके बारे मे जानते भी होंगे तो पूरी तरह नही जानते होंगे।

तो नीचे हम आपको Analog Computer In Hindi एनालॉग कंप्यूटर किसे कहते है? के बारे मे बता रहे हैं, और इतना ही नहीं साथ ही साथ आपको Analog Computer से जुड़ी सभी जानकारी भी नीचे दी जाएगी।

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Analog Computer के बारे मे जानने के लिए नीचे देखें।

Analog Computer किसे कहते है?

Analog Computer ऐसे कंप्यूटर को कहते हैं, जिसका इस्तेमाल भौतिक मात्राओं यानि Physical Quantities को मापने के लिए किया जाता है। भौतिक मात्राये Heat (ताप), Pressure (दाब), Length (लम्बाई), Height (उंचाई) आदि को कहा जाता है।

अगर आसान शब्दों में कहें तो दो प्रकार के Electronic Signal होते हैं, जिसमे “पहला Analog Signal और दूसरा Digital Signal” Analog Signal वह Signal होते हैं, जिनकी Recurring (आवर्ति) और Dimension (आयाम ) स्थिर/निश्चित ही रहते हैं, इस तरह के Signals को मापने के लिए ही Analog Computer का इस्तेमाल किया जाता है।

Analog Computer के बारे मे एक बात ये भी है, कि इनका उपयोग ऑफिस या घरों में नहीं किया जाता है, बल्कि इनका उपयोग ज़्यादातर Hospitality या Science से जुड़ी चीज़ो में किया जाता है, जैसे-Thermometer आदि। Analog Computer Output को हमे Analog Signal की मदद से दिखाता है।

यदि आप Thermometer की मदद से बुखार मापते हैं, तो यह हर बार बुखार को शरीर के तापमान के मुताबिक शुरू से मापता है, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि Analog Computer में Memory या Storage नहीं होता इसलिए यह पिछले Data को Store करके नहीं रख सकता।

इसका मतलब यह है, कि Input Signal बदलने के साथ साथ Analog Computer का Output भी बदल जाता है।

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Analog Computer के उदाहरण

अब आपने यह तो जान ही लिया होगा कि Analog Computer क्या है? तो अब अगर हम बात करते है Analog Computer के उदाहरण के बारे मे।

अगर आप Analog Computer के उदाहरणो के बारे मे नही जानते हैं, तो आप नीचे दी गई जानकारी की मदद से आसानी से जान सकते हैं।

Analog Computer के उदाहरण जैसे:

1. Thermometer

2. Speedometer

3. Seismometer आदि।

1. Thermometer

अगर हम बात करते हैं Analog Computer कि तो Thermometer इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण है, Thermometer का प्रयोग बुखार मापने के लिए किया जाता है, यह बात तो आप अच्छी तरह जानते ही होंगे और आपने उसका इस्तेमाल भी किया होगा।

हमारे शरीर का तापमान भी एक Analog Signal ही है, इसलिए उसको मापने के लिए Thermometer को प्रयोग मे लाया जाता है।

2. Speedometer

Speedometer Analog Computer का एक ऐसा उदाहरण है, जिसके इस्तेमाल से किसी चलती हुई गाड़ी की Speed का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

अगर हम बात करते है, Speedometer के पैमाने की तो आमतौर पर Speedometer का पैमाना किसी चलती हुई गाड़ी की Speed को किलोमीटर प्रति घंटे के रूप में मापता है।

3. Seismometer

Seismometer Analog Computer का एक ऐसा उदाहरण है जिसे आम व्यक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकता क्योंकि Seismometer के द्वारा भूकंप के तीव्रता यानि भूकंप की तेज़ी को मापा जाता है।

Seismometer को पृथ्वी के पास मे ही रखा जाता है, और जब भी भूकंप आता है, और पृथ्वी हिलती है, तब Seismometer में भी कम्पन शुरु हो जाता है, और भूकंप की तरंगों को एक Graph Paper पर Record करता है, और उसके बाद भूकम्पविज्ञानी Seismometer का अध्ययन करने के बाद भूकंप की तीव्रता के बारे में बताते हैं।

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Analog Computer कितने प्रकार के होते हैं?

अब आपने ये तो जान ही लिया होगा कि Analog Computer किसे कहते है? और उनके उदाहरण के बारे में? लेकिन आप यह नही जानते होंगे कि Analog Computer कितने प्रकार के होते हैं?

अगर आप इस बारे मे जानना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई जानकारी की मदद से आसानी से जान सकते हैं।

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Analog Computer तीन प्रकार के होते हैं।

1- Electronic Analog Computer

(इलेक्ट्रॉनिक एनालॉग कंप्यूटर)

2- Mechanical Analog Computer

(मैकेनिकल एनालॉग कंप्यूटर)

3- Analog Digital Computer

(एनालॉग डिजिटल कंप्यूटर)

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1– Electronic Analog Computer (इलेक्ट्रॉनिक एनालॉग कंप्यूटर)

Analog Computer Input को Electric Signal के रूप में लाते हैं और उसे Output देते हैं। अगर हम Electronic Analog Computer के बारे मे बात करें तो इसका एक अच्छा उदाहरण Voltmeter है।

Voltmeter मे Input के रूप मे Electricity जाती है, जो एक Electronic Signal है, उसके बाद Voltmeter हमे ये भी बताता है कि जो Electricity आ रही है वो कितने Voltage की है, इन्ही Computer को Electronic Analog Computer कहते हैं।

2– Mechanical Analog Computer (मैकेनिकल एनालॉग कंप्यूटर)

जो Analog Computer Input को Mechanical Quantity के रूप में प्राप्त करके उसके आधार पर Output देते हैं, वह Mechenical Analog Computer कहलाते हैं।

अगर हम Mechanical Analog Computer के उदाहरण की बात करें तो इसका सबसे अच्छा उदाहरण Speedometer है।

Speedometer किसी भी गाड़ी के पहियों के घुमने की तेजी को मापकर उसका Input लेता है, इसी आधार पर वह Output के रूप में वाहन की Speed को बताता है, इन Computer को ही Mechanical Analog Computer कहा जाता है।

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3– Analog Digital Computer (एनालॉग डिजिटल कंप्यूटर)

Analog Digital Computer उन Computer को कहते हैं, जो Input को Analog की Form में लेते हैं, और Output को Digital Form में दिखाते है।

अगर हम Analog Digital Computer के उदाहरण के बारे मे बात करें तो इसका एक अच्छा उदाहरण Petrol Pump में लगा Meter है, जो Petrol को Input के रूप मे लेता है, और Output को Digital में दिखाता है, इस प्रकार के Computer को ही Analog Digital Computer कहा जाता है।

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Analog Computer का इस्तेमाल

तो अब बात करते हैं Analog Computer के इस्तेमाल की वैसे तो Analog Computer का इस्तेमाल बहुत से कार्यो को करने के लिए किया जाता है, लेकिन हम आपको उदाहरण के तौर पर इसके कुछ

उदाहरणो के बारे मे बता रहे हैं।

1. Analog Computer का इस्तेमाल आमतौर पर बुखार को मापने के लिए Thermometer के रूप मे किया जाता है।

2. Analog Computer का उपयोग विज्ञान के क्षेत्रो में भी कई कार्यों को करने के लिए Seismometer के रूप मे किया जाता है।

3. Analog Computer का Use पेट्रोल पंप में लगे मीटर के रूप में भी किया जाता है।

4. एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल Electricity को मापने के लिए भी Voltmeter के रूप मे किया जाता है।

5. एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग चलती हुई गाड़ियो की Speed को मापने के लिए Speedometer के रूप में किया जाता है।

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Analog Computer की विशेषताएँ

  • Analog Computer Real Time Data को दिखाते हैं, और यह एक समय में किसी एक ही चीज़ का Input लेते हैं, और उसका Output दिखाते हैं।
  • Analog Computer को कई कार्यो के लिए Desing किया गया है, क्योंकि इनका इस्तेमाल हवा, ध्वनि, गति, तापमान आदि जैसी स्थितियों को मापने के लिए किया जाता है।
  • Analog Computer ज़्यादातर Electronic या Mechanical मशीन होते हैं, जो कि जोड़, घटा, गुणा, भाग आदि का काम आसानी से कर सकें।
  • इनकी एक खास बात ये भी है कि Analog Computer, Digital Computer के मुकाबले मे ज़्यादा सस्ते होते हैं।

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Analog Computer के फ़ायदे

1- Analog Computer बहुत कम समय मे ही Output देने के लिए सक्षम होते है क्योंकि इनकी Speed अधिक होती है।

2- Analog Computer Real Time Data को दिखाते हैं और इनके द्वारा आप कई महत्वपूर्ण कार्यों को कर सकते हैं।

3- Analog Computer, Digital Computer के मुकाबले मे बहुत सस्ते होते हैं।

4- Analog Computer Results को Output के रूप मे काफ़ि आसान तरीके से दिखाते हैं।

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एनालॉग सिग्नल क्या है?

एनालॉग सिग्नल एक विद्युत सिग्नल होता है जो एक निरंतर मान का चिह्न होता है जो समय के साथ बदलता है। यह सिग्नल अनेक प्रकार के उपयोगों के लिए उपयुक्त होता है, जैसे कि आवाज, वीडियो, टेलीविजन और विद्युत उपकरणों में आवाज और चित्रों को संचारित करने के लिए।

एनालॉग सिग्नल एक समय-आधारित विद्युत सिग्नल होता है जिसे एक समय स्केल और एक चौड़ाई स्केल द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

इसके बावजूद, इसमें आवाज, वीडियो और अन्य संकेतों का अनंत संख्या मौजूद होती है जो समय के साथ बदलती हैं। इसलिए, इसे अनेक लेन में बांटा जाता है जो उन चरणों में विभाजित होते हैं जो इसमें शामिल होते हैं।

एनालॉग सिग्नल विद्युत उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले दो विभिन्न प्रकार के सिग्नल होते हैं: साइनसॉइडल सिग्नल और सकारात्मक सिग्नल।

साइनसॉइडल सिग्नल एक अनंत साइनसॉइडल अनुभाग वाला सिग्नल होता है जो निरंत्रित समय-अवधि में नियमित रूप से विद्युत दाब का अधिकार रखता है।

इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के संचार सिस्टमों, विद्युत प्रणालियों, उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स में होता है।

दूसरी ओर, सकारात्मक सिग्नल एक उच्च स्तर का सिग्नल होता है जो निरंतर विद्युत दाब उत्पन्न करता है। यह सिग्नल विभिन्न प्रकार के संचार सिस्टमों और विद्युत प्रणालियों में उपयोग किया जाता है।

एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर में क्या अंतर है?

एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर दोनों अलग-अलग प्रकार के कंप्यूटर होते हैं।

एनालॉग कंप्यूटर एक प्रकार का कंप्यूटर होता है जो वैद्युत ऊर्जा के प्रवाह को ध्यान में रखता है और अपनी प्रक्रिया को आधार में लेकर संख्याओं का उपयोग नहीं करता है।

एनालॉग कंप्यूटर एक प्रकार का कंप्यूटर है जो विशेष तरीके से ज्यामितीय विश्लेषण, चालू और स्थिर अवस्थाओं के लिए उपयोग किया जाता है।

इस प्रकार के कंप्यूटर वास्तविक दुनिया में दो अनुभवों को संभव बनाते हैं: एक संयुक्त तथा अनलोग विश्लेषण और संशोधन तकनीक जो आधुनिक कंप्यूटर ज्ञान में विशेष रूप से नहीं शामिल होती है।

एनालॉग कंप्यूटर में, सामान्य डिजिटल कंप्यूटर के बजाय, विशेष उपकरण जैसे एनालॉग-डिजिटल कनवर्टर, डिजिटल-एनालॉग कनवर्टर, फ़्लॉग रजिस्टर, आदि का उपयोग किया जाता है।

एनालॉग कंप्यूटर में, डेटा को असली दुनिया में होने वाले विभिन्न संशोधनों में उपयोग करने वाले संकेतों की रूप में प्रदर्शित किया जाता है। इन संकेतों को स्थान, समय, तापमान, दबाव, आदि के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

एनालॉग कंप्यूटर में, संदर्भ तापमान, ध्वनि, विद्युत आदि के अनुकूल संदर्भों के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसलिए, इस कंप्यूटर के जरिए संदर्भ तापमान, ध्वनि, विद्युत आदि के अनुकूल संदर्भों को अच्छी तरह से व्यवस्थित करना संभव होता है।

एनालॉग कंप्यूटर में उपयोग किए जाने वाले तत्व अधिकतर उन तत्वों से संबंधित होते हैं जो असल दुनिया में हमारे आसपास होते हैं।

एनालॉग कंप्यूटर वास्तविक दुनिया में हमें व्यापक रूप से पाए जाने वाले अवयवों जैसे प्रकाश, ध्वनि, विद्युत आदि के संदर्भों का उपयोग करता है।

आइये जानते हैं कुछ मेहत्वपूर्ण अंतर एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर में।

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एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर में अंतर

डिजिटल कंप्यूटर और एनालॉग कंप्यूटर दोनों कंप्यूटर होते हैं, लेकिन उनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं।

डिजिटल कंप्यूटरएनालॉग कंप्यूटर
डिजिटल कंप्यूटर अंशों में डेटा को संग्रहीत करते हैं,जबकि एनालॉग कंप्यूटर को अभिव्यक्ति के रूप में डेटा को संग्रह करते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर आंकड़ों को संख्याओं में बदलते हैं और इन आंकड़ों को संगणक के द्वारा संचालित करते हैं। इसके विपरीत, एनालॉग कंप्यूटर आंकड़ों को बिजली आवेग के दबाव और आंतरिक घटकों के रूप में संग्रह करते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर निरंतर विस्तृत डेटा संग्रह कर सकते हैं जबकि एनालॉग कंप्यूटर के पास इसकी क्षमता नहीं होती है।
डिजिटल कंप्यूटर एक दिगित की ताकत से काम करते हैं जो कि समझने और संचालित करने के लिए सरल होती है। इसके बावजूद, एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग उन कामों के लिए ज्यादा उपयुक्त होता है जो नाप, विश्लेषण और आंतरिक तकनीकी को शामिल करते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर उच्च संचार दर के साथ काम कर सकते हैं, जो उन्हें इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक मेल और अन्य डिजिटल संचार के माध्यम से बात करने में मदद करता है। एनालॉग कंप्यूटर भी इस प्रकार के संचार को संभव बनाते हैं, लेकिन वे डिजिटल कंप्यूटरों के समान नहीं होते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर अधिक स्थायी होते हैं और उन्हें उपयोग करने में अधिक सुविधा होती है। वे अधिक संशोधन और अधिक महत्वपूर्ण परिवर्तनों को संभव बनाते हैं। एनालॉग कंप्यूटर भी विशिष्ट कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन उन्हें उपयोग करने में अधिक मुश्किल होता है।
अंत में डिजिटल कंप्यूटर डिजिटल तरीके से डेटा को संसाधित करते हैं जो कि 0 और 1 के बीच में होता है। वे संख्यात्मक और अक्षरों के साथ साथ चित्रों और वीडियो को भी संसाधित कर सकते हैं। एनालॉग कंप्यूटर उस तरीके से डेटा को संसाधित करते हैं जो उनके सामान्य रूप से समझ में आता है। वे वॉल्टेज, आवेश आदि को मापने में सक्षम होते हैं।

अंतर्गत, डिजिटल कंप्यूटर और एनालॉग कंप्यूटर दोनों कंप्यूटर होते हैं, लेकिन उनमें महत्वपूर्ण अंतर होते हैं जिनके बारे में उपर बताया गया है।

“अक्सर पूछे जाने वाले सवाल”

Analog Computer क्या है?

Analog Computer ऐसे कंप्यूटर को कहते हैं, जिसका इस्तेमाल भौतिक मात्राओं यानि Physical Quantities को मापने के लिए किया जाता है।

Analog Computer कितने प्रकार के होते हैं?

Analog Computer तीन प्रकार के होते हैं। पहला इलेक्ट्रॉनिक एनालॉग कंप्यूटर, दूसरा मैकेनिकल एनालॉग कंप्यूटर, और तीसरा एनालॉग डिजिटल कंप्यूटर।

Analog Computer के उदाहरण बताइए?

Analog Computer कई उदाहरण है, जैसे – Thermometer, Voltmeter, Seismometer, Speedometer आदि।

Analog Computer का अविष्कार कब और किसने किया?

Analog Computer का अविष्कार 1876 में William Thomson ने किया था, जो Tide Predictor यानि ज्वार की भविष्यवाणी के काम मे आता था।

Analog Computer का उपयोग किन कार्यो मे किया जाता है?

Analog Computer का उपयोग कई कार्यो को करने के लिए किया जाता है जैसे – Analog Computer का इस्तेमाल आमतौर पर बुखार को मापने के लिए किया जाता है, और Analog Computer का इस्तेमाल पेट्रोल पंप में लगे मीटर के रूप में भी किया जाता है।

एनालॉग कंप्यूटर के कार्य?

Analog Computer स्पीड, Temperature, Pressure और Electricity Current आदि के आधार पर कार्य करते हैं। हर Operation के लिए इन Computers को अलग अलग Data की ज़रूरत होती है इस प्रकार के Computers एक Task पूरा करने के बाद ही दूसरा Task लेते हैं।

निष्कर्ष

इस पोस्ट मे हमने आपको Analog Computer Meaning In Hindi एनालॉग कम्प्यूटर किसे कहते हैं? आदि के बारे मे काफ़ि कुछ बताया है। और इसमे हमने आपको Analog Computer के प्रकार, Analog Computer के उदाहरण और साथ ही Analog Computer की विशेषताओ के बारे मे भी जानकारी दी है।

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